पुरानी पेंशन के लिए अटेवा ने भेजा राष्ट्रीय अध्यक्षों का पत्र


लखनऊ(सौम्य भारत)। पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए अटेवा ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों पत्र भेजा है।

इस दौरान अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार 'बन्धु' ने कहा नयी पेंशन व्यवस्था अत्यंत शोषणकारी है। इस व्यवस्था से उत्तर प्रदेश के 13 लाख सहित देश के 70 लाख शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल होती है, तो देश में करोड़ों लोगों तक इसका सीधा असर पड़ेगा। साथ ही निजीकरण करना देश के सार्वजनिक संपत्तियों को चंद हांथों में देना है, जो देश की जनता के साथ अन्याय है। अटेवा के महामंत्री डा नीरज पति त्रिपाठी जी ने कहा पूरे प्रदेश के शिक्षक कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सभी राजनीतिक दलों को ईमेल व रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पत्र भेजा है। प्रदेश मीडिया प्रभारी डा राजेश कुमार ने बताया कि विधान सभा चुनाव निकट है। यदि सरकार इस मुद्दे पर कदम नही उठाया तो शिक्षको कर्मचारियो के आक्रोश को झेलने के लिए तैयार हो जाये।

 आर्थिक सहायता के लिए शिक्षकों का मौन प्रदर्शन

लखनऊ एसएनबी। चुनावी ड्यूटी करने व कोरोना के कारण मृतक शिक्षकों व कर्मचारियों को कोरोना योद्धा के बराबर 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उनके परिजनों को दी जाने की मांग को लेकर

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को हजरतगंज स्थित सरदार पटेल प्रतिमा पर मौनव्रत धरना दिया। इस दौरान संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि शिक्षक कर्मचारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा विधेयक 2021 को वापस लिया जाए और पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए। जिला मंत्री अरुण कुमार वर्मा ने तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किए जाने और मान्यता की धाराओं को संशोधित करते हुए वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को 15 हजार रुपए प्रतिमाह आरटीजीएस के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित किए जाने की मांग की। इसके अलावा स्थानांतरण की ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाए जाने की बात कही। इस दौरान अभिषेक सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष निहाल अहमद सहित अन्य पदाधिकारी मौन धरने पर मौजूद थे।