बाल रोग विशेषज्ञों ने साइकिल यात्रा निकालकर मनाया विश्व स्तनपान सप्ताह





डॉक्टरों ने जीपीओ से राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में 20 साइकिल व 5 किलोमीटर की दौड़ लगाकर किया लोगों को जागरूक

लखनऊ(सौम्य भारत)। बच्चों में स्तनपान का डर बढ़ाकर न केवल हम एक अच्छे समाज का निर्माण करेंगे बल्कि धरती पर होने वाले जल एवं वायु प्रदूषण को भी रोकने में सफल होंगे। यह बात भारतीय बाल अकादमी के तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ त्रिभूवनेश  यादव ने शनिवार को कही। इसके बाद डॉक्टरों ने जीपीओ हजरतगंज से राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में 20 साइकिल व 5 किलोमीटर की दौड़ लगायी। इस दौरान फातिमा अस्पताल में कार्यक्रम में अकादमी के सचिव डॉ टीआर यादव ने बताया कि हमारे देश में माताओं द्वारा अपने बच्चों को स्तनपान कराने का  डर जागरूकता के अभाव में कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि माताओं द्वारा अपने बच्चे को 6 महीने तक केवल अपना दूध पिलाया जाय। उसके बाद बाहर से खाना देने के साथ-साथ मां 2 वर्ष तक अपना दूध भी पिलाती रहे। ऐसे में देखा गया है कि बच्चों में दस्त की बीमारी 10 गुना कम हो जाती है और निमोनिया की बीमारी 5 से 6 गुना कम हो जाती है। यह दोनों बीमारियां बच्चों के लिए प्राणघातक होती हैं। ऐसे में माताओं में जागरूकता फैला कर हम अपने देश के बच्चों को इन जानलेवा बीमारियों से बचा सकते है। बीमारियों से बचाने के अलावा माताओं में भी छाती का कैंसर कई गुना कम हो जाता है। ऐसी माताओं में अंडाशय का  कैंसर काफी कम हो जाता है। 

उन्होंने बताया कि महिलाओं में स्तनपान तभी बढ़ाया जा सकता है जब इसमें महिला के घर के सदस्य जैसे कि बच्चे के पिता, बच्चे की दादी, नानी , बुआ , मौसी से लेकर के हॉस्पिटल के  डॉक्टर , नर्सिंग अटेंडेंट, महिला जहां काम करती है। उस ऑफिस के लोगों द्वारा मां का स्तनपान में सहयोग किया जाए। इस दौरान डॉ पीके शुक्ला, डॉ अनुराग कटियार, डॉ श्रीश भटनागर, डॉ अमित रस्तोगी, डॉ नितिन पांडेय, डॉ संजय त्रिपाठी, डॉ मेनका सिंह व अंकिता रस्तोगी शामिल रहीं।